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रविवार, 18 फ़रवरी 2024

भारतीयों के कुछ जुगाड़ देखकर आप कब चकित हुए?

भईया ऐसा है कि ईश्वर ने पूरे ब्रह्मांड में सिर्फ हम भारतीयों को ही जुगाड़ टेक्नालॉजी वाले दिमाग से नवाजा है।

अब हम उसमें समय समय पर कुछ अपडेशन करते रहते हैं।

जैसे किसी महाशय ने टूटी हुई टंकी को स्वच्छ भारत अभियान का हिस्सा बना दिया।

जो मजा ऊपर देखने में है वो सामने कहां ।

मिशन मंगल पर जाने की तैयारी का एक नमूना।

किसी सामान की सहीं उपयोगिता ही उसकी सार्थकता है।

इस व्यवस्था का अपना अलग ही मजा है।

ये एक शानदार व्यवस्था है।

इनको 21 तोपो की सलामी।

क्या प्यार है ? अद्भुत ।।

इनके चरण कहां है ? इनकी प्रतिभा देख कर आंखों में खूशी के आंशु आ गए।

ये सर्वश्रेष्ठ दिमाग का उत्कृष्ठ नमूना है।

पुराने समान का सही उपयोग।

ये रजनीकांत वाला स्टाईल है।

शुक्रवार, 19 जनवरी 2024

16 साल से कम उम्र के बच्चों की कोचिंग बंद,

16 साल से कम उम्र के बच्चों की कोचिंग बंद, आदेश नहीं मानने पर लगेगा 1 लाख का जुर्माना, गाइडलाइन जारी🏌️🏌️🏌️🏌️🏌️

प्राइवेट कोंचिंग सेंटर्स की मनमानी पर अब केंद्र सरकार ने लगाम कसने की तैयारी कर ली है. इन नई गाइडलाइंस के अनुसार अब कोई भी कहीं भी और कभी भी प्राइवेट कोचिंग सेंटर नहीं खोल पाएगा.

इसके लिए सबसे पहले उसे रजिस्ट्रेशन कराना होगा. यही नहीं अब कोचिंग सेंटर में 16 साल से कम उम्र के बच्चों को पढ़ाई के लिए नामांकन नहीं होगा. कोचिंग सेंटर किसी छात्र से मनमानी फीस भी नहीं वसूल सकेंगे.

केंद्र ने ये गाइलाइन देश भर में NEET या JEE की तैयारी कर रहे छात्रों के बढ़ते सुसाइड मामलों और देश में बेलगाम कोचिंग सेंटर्स की मनमानी को लेकर दिया है.

#BreakingNews #Coaching #Students #education

मंगलवार, 16 जनवरी 2024

गाँव में तो डिप्रेशन को भी डिप्रेशन हो जायेगा।

उम्र 25 से कम है और सुबह दौड़ने निकल जाओ तो गाँव वाले कहना शुरू कर देंगे कि “लग रहा सिपाही की तैयारी कर रहा है " फ़र्क़ नही पड़ता आपके पास गूगल में जॉब है।

30 से ऊपर है और थोड़ा तेजी से टहलना शुरू कर दिये तो गाँव में हल्ला हो जायेगा कि “लग रहा इनको शुगर हो गया "

कम उम्र में ठीक ठाक पैसा कमाना शुरू कर दिये तो आधा गाँव ये मान लेगा कि आप कुछ दो नंबर का काम कर रहे है।

जल्दी शादी कर लिये तो “बाहर कुछ इंटरकास्ट चक्कर चल रहा होगा इसलिये बाप जल्दी कर दिये "

शादी में देर हुईं तो “दहेज़ का चक्कर बाबू भैया, दहेज़ का चक्कर, औकात से ज्यादा मांग रहे है लोग "

बिना दहेज़ का कर लिये तो “लड़का पहले से सेट था, इज़्ज़त बचाने के चक्कर में अरेंज में कन्वर्ट कर दिये लोग"

खेत के तरफ झाँकने नही जाते तो “बाप का पैसा है "

खेत गये तो “नवाबी रंग उतरने लगा है "

बाहर से मोटे होकर आये तो गाँव का कोई खलिहर ओपिनियन रखेगा “लग रहा बियर पीना सीख गया "

दुबले होकर आये तो “लग रहा सुट्टा चल रहा "

कुलमिलाकर गाँव के माहौल में बहुत मनोरंजन है इसलिये वहाँ से निकले लड़के की चमड़ी इतनी मोटी हो जाती है कि आप उसके रूम के बाहर खडे होकर गरियाइये वो या तो कान में इयरफोन ठूंस कर सो जायेगा या फिर उठकर आपको लतिया देगा लेकिन डिप्रेशन में न जायेगा।

और ज़ब गाँव से निकला लड़का बहुत उदास दिखे तो समझना कोई बड़ी त्रासदी है।

😇😇😇😇

क्या धरिरेंद्र सास्त्री सच में कोई चमत्कार करते है?

अगर मेरे जवाब से किसी की भी आस्था को ठेस पहुंचती है तो मैं उसके लिए हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं ।

जो भी मैं अपने जवाब में लिख रहा हूं यह मेरे व्यक्तिगत विचार हैं इनका मेरे अलावा किसी दूसरे व्यक्ति से कोई भी संबंध नहीं है ।

पूरे ब्रह्मांड में पृथ्वी की स्थिति को आप इस तरह से आकलन कर सकते हैं जैसे की पूरी पृथ्वी एक ब्रह्मांड है और पृथ्वी पर एक बैक्टीरिया पृथ्वी है । शायद ब्रह्मांड के मुकाबले हमारी पृथ्वी इससे भी छोटी हो सकती है।

पहले हम लोग कंदमूल फल खाकर अपनी जिंदगी गुजारते थे धीरे-धीरे करके हमने शिकार करना शुरू कर मांस खाना शुरू कर उसके बाद हम लोगों ने खेती करना शुरू किया । इसके बाद खेती की तरफ लोगों का ध्यान बढ़ा , मांस खाना कम हुआ फसल को उपजाना शुरू हुआ । धीरे-धीरे करके टेक्नोलॉजी आगे बढ़ती गई बिजली बनी प्लेन बने गाड़ियां बनी बाइक्स बनी, टेक्नोलॉजी आगे बड़ी, मोबाइल्स बने इंटरनेट आया ।

जो लोग भविष्य देख सकते थे उन्होंने ऐसे आविष्कार करें जो भविष्य में लोगों के काम आए ना कि उन्होंने लोगों का भविष्य बता कर उन्हें गुमराह किया अगर आज के समय में कोई भी अगर आपका भविष्य देख सकता है तो वह यह भी देख सकता है कि भविष्य में आगे क्या होने वाला है । जिन लोगों की गाड़ियों का एक्सीडेंट हो जाता है नदी में नहाने जाते हैं तो पैर फिसल के गिर जाते हैं ऐसे कितने ही वीडियो इन बाबाओ के सामने आते हैं। क्या आप लोग फिर भी यकीन करते हैं कि यह लोग हमारा भविष्य देख सकते हैं, जिन्हें अपने अगले क्षण का भी पता नहीं कि उनके साथ क्या होने वाला है । अगर यह लोग भविष्य देख सकते हैं फिर तो शेयर मार्केट की कंपनियों को इन्हें बिल्कुल अपने पास रख लेना चाहिए मुनाफा ही मुनाफा होगा ‌

मुकेश अंबानी ने भविष्य देखा कि भारत में इंटरनेट की आगे की क्षमताएं कितनी है लोग कितना आगे बढ़ सकते हैं इसमें कितनी पोटेंशियल है, यह एक साधारण सा उदाहरण है कि लोग भविष्य को किस तरह से देखते हैं लोग भविष्य का अनुमान लगा सकते हैं उसके हिसाब से वर्तमान को भविष्य के लिए तैयार कर सकते हैं लेकिन अगर कोई आपको भविष्य देखने का वादा करके आप गुमराह कर रहा है तो ऐसे लोगों से तुरंत की तुरंत दूर हो जाए यह लोग सिर्फ और सिर्फ पाखंडी है ।

यदि इस लेख से किसी की आस्था को ठेस पहुंची हो या बुरा लगे तो उसके लिए मैं क्षमा चाहता हूं । यह विचार सिर्फ मेरे अपने हैं जो मेरे द्वारा अनुभव किया गया है । मुझे खुशी होगी यदि आप अपने विचार भी कमेंट सेक्शन में रखें ।

श्री प्रेमानंद जी का यह वीडियो भी जरूर देखें


#sathiyo

जैसा कि हम सब जानते हैं जहां एक तरफ अयोध्या में प्रभु श्री राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम है, वहीं दूसरी तरफ अयोध्या प्रभु श्री राम मंदिर को दान करने का सिलसिला भी नहीं रख रहा है। आपको बता दे की हनुमान फिल्म जो की अभी कुछ दिनों पहले रिलीज हुई है, वह अब तक 60 करोड रुपए कमा चुकी है और इसके पीछे बस एक ही कारण है आम जनता जो खुद को बड़े पर्दे पर सत्य सनातन धर्म से कनेक्ट कर पाई है। इसी फिल्म की सक्सेस पर हनुमान फिल्म के मेकर्स ने 14 लाख रुपए अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को दान करने की घोषणा की है।फिल्म मेकर्स के अनुसार हर टिकट में ₹5 का हिस्सा अयोध्या प्रभु श्री राम मंदिर को दान किया गया है और आगे की कमाई का भी यह हिस्सा मंदिर को दान किया जाएगा।

बगल में छोरा शहर में ढिंढोरा...🤔

दुनिया भर की ताकत का भंडार आपके बगल में है, और एक आप हैं कि दुनिया भर में तलाश कर रहे हैं...

ये कमाल का पौधा आपके आसपास, बगल में लगा हुआ है लेकिन लोग ड्राई फ्रूट, दवाओं और छायादार वृक्षो के पीछे भाग रहे हैं। ये अकेला वृक्ष कॉम्बो पैक है साहब जो अपने आपमे एक इकोसिस्टम है।

बाकी की माथा पच्ची भी होगी, तब तक आप अपना अनुभव शेयर करें, जरा गैसिंग लगाइये कि मैं क्या कहने वाला हूँ। वैसे उमर के विषय मे हमारे क्षेत्र में एक कहावत है...

आंखि देख के माखी न निगलि जाए!

सहगी ऊमर फोड़ खे न खाय!!

इस देशी कहावत के अनुसार अगर ऊमर/गूलर को फोड़ कर खाया जाये तो हवा लगते ही इसमे कीड़े पड़ जाते हैं। इसीलिये इसे बिना फोड़े ही खाया जाता है। लेकिन सच तो यह है, कि इसमें छोटे छोटे कीड़े (wasp) मौजूद रहते ही हैं। वनस्पति विज्ञान की भाषा मे गूलर का फल हायपेन्थोडीयम कहलाता है, जिसमे फूल/ पुष्पक्रम के आधारीय भाग मिलकर एक बड़े कटोरे या बॉल जैसी संरचना बना लेते हैं। और इस गोलाकार फल जैसी संरचना के भीतर कई नर और मादा पुष्प/ जननांग रहते है, जिनमें परागण और संयुग्मन के बाद बीज बन जाते हैं।

फल के परिपक्व होने के पहले उस पर विशेष प्रकार की मक्खी सहित कई कीट प्रवेश कर जाते हैं। कई बार वे अपना जीवन चक्र भी यहीं पूर्ण करते हैं। जैसे ही फल टूटकर जमीन से टकराता है, यह फट जाता है, और कीड़े मुक्त हो जाते हैं। ऐसा न भी हो तो कीट एक छिद्र करके बाहर निकल जाते हैं।

चलिये इन सबसे हटकर अब चर्चा करते हैं, इसके औषधीय महत्व की, हमारे गाँव के बुजुर्गों के अनुसार इसके फलो को खाने से गजब की ताकत मिलती है, और बुढापा थम से जाता है। मतलब अंजीर की तरह ही इसे भी प्रयोग किया जाता है।

मेरी दादी कहती थी कि ऊमर के पेड़ के नीचे से बिना इसे खाये नही गुजर सकते हैं। इसकी छाल को जलाकर राख को कंजी के तेल के साथ पाइल्स के उपचार में प्रयोग करते हैं। दूध का प्रयोग चर्म रोगों में रामवाण माना जाता है। दाद होने पर उस स्थान पर इसका ताजा दूध लगाने से आराम मिलता है। कच्चे फल मधुमेह को समाप्त करने की ताकत रखते हैं। पेट खराब हो जाने पर इसके 4 पके फल खा लेना इलाज की गारंटी माना जाता है।

वहीं एक ओर इसके पेड़ को घर पर या गाँव मे लगाना वर्जित है, शायद भूतों से इसे जोड़ते हैं, लेकिन वास्तव में यह दैत्य गुरु शुक्राचार्य का प्रतिनिधि है। वास्तु के अनुसार दूध और कांटे वाले पौधे घर पर लगाना उचित नही होता।

बुद्धिजीवियो का मानना है कि वास्तव में इसे पक्षियों और जनवरो के पोषण के लिये छोड़ने के लिए ऐसी मान्यताएँ बना दी गई होंगी, जिससे लोग इसके फलों और पेड़ का अत्यधिक दोहन न कर सकें। पक्षीयों के लिए तो यह वरदान है। और पक्षी ही इसे फैलाते भी हैं। व्यवहारिक रूप से यह पक्षियों का पसंदीदा है तो पक्षियों की स्वतंत्रता के उद्देश्य से भी इसे घर से दूर लगाना सही प्रतीत होता है।

यह शूक्र ग्रह का प्रतिनिधि पौधा है तो इस नाते अनेको तांत्रिक शक्तिओ का स्वामी भी है। कहते है, इसकी नित्य पूजन करने से सम्मोहन की शक्ति प्राप्त की जा सकती है। प्रेम और युवा शक्ति तो जैसे इस पेड़ के इर्द गिर्द ही घूमती रहती है। नव ग्रह वाटिका के पेड़ों में यह भी एक है। वृषभ राशि वालो का तो यह मित्र पौधा है। किंतु दुख की बात है, इन पेड़ों की संख्या दिन पर दिन कम होती जा रही है।

इसकी कोमल फलियों को सब्जियों के लिए भी प्रयोग किया जाता है, जो चिकित्सा का एक अनुप्रयोग है।

ऐसा कहा जाता है, कि दुनिया मे किसी ने गूलर का फूल नही देखा है, इसका कारण और जबाब मैं पहले ही बता चुका हूं।

यह जानकारी आपको कैसी लगी, बताइयेगा जरूर...

धन्यवाद 🙏

बुधवार, 10 जनवरी 2024

Editing के लिए सबसे अच्छा ऐप कौन सा है ?

बहुत सारे ऐप्स उपलब्ध हैं जो आपको एडिटिंग कार्यों के लिए मदद कर सकते हैं। यहां कुछ ऐप्स हैं जो प्रसिद्ध हैं और उपयोगकर्ताओं के बीच प्रसिद्ध हैं:

  • Adobe Photoshop Express: यह फोटोग्राफी के लिए प्रसिद्ध एडिटिंग ऐप है, जिसमें आपको फ़िल्टर, के साथ तस्वीरों को काटने, मर्ज करने, विभिन्न एफ़ेक्ट्स जोड़ने आदि के लिए विभिन्न उपकरण मिलते हैं।
  • Snapseed: यह गूगल द्वारा विकसित एक अच्छा फ़ोटो एडिटिंग ऐप है, जिसमें विभिन्न उपकरण और फ़िल्टर मौजूद हैं जिनका उपयोग करके आप अपनी तस्वीरों को संपादित कर सकते हैं।
  • VSCO: यह एक दूसरा लोकप्रिय फ़ोटो एडिटिंग ऐप है जिसमें अनेक फ़िल्टर, एडिटिंग उपकरण और फ़ोटो एडिटिंग के लिए विभिन्न विकल्प शामिल हैं।
  • Canva: यह एक डिजाइन और ग्राफिक्स क्रिएशन ऐप है जिसमें आप फ़ोटोग्राफी के साथ-साथ पोस्टर, लोगो, सोशल मीडिया पोस्ट्स और अन्य विजुअल कंटेंट बना सकते हहैं। यह आपको विभिन्न डिजाइन टूल्स, टेम्पलेट्स और एडिटिंग के लिए साधारित विकल्प प्रदान करता है।
  • Lightroom: यह फोटोग्राफी के लिए एक प्रसिद्ध ऐप है जो आपको फ़ोटो को रीटच करने, एडिट करने और बाहरी अंतराल को समायोजित करने के लिए विभिन्न उपकरण प्रदान करता है।

ये केवल कुछ उदाहरण हैं और फोटो एडिटिंग के लिए और भी कई अच्छे ऐप्स उपलब्ध हैं। आपकी आवश्यकताओं और पसंद के अनुसार ऐप्स की तलाश करें और एक या एक से अधिक ऐप्स को आजमाएं ताकि आप अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सबसे अच्छा ऐप चुन सकें।